Saturday, 23 July 2016

     ग़ज़ल 

गुनहगार हूँ मगर बेकसूर भी हू

ज़माने की निग़ाहों का तीर सह सकी ना
मजबूर इस कदर हुई कर बैठी बेवफ़ाई

कभी आह भरती हूँ  कभी रोती बहुत हूँ
दर्द रात भर पिघलता  जाने कैसी बुत हूँ
अश्क़ गम के खातों में कसकती तन्हाई
मजबूर इस कदर हुई कर बैठी बेवफ़ाई

कभी फूल बन के तुम आते हो ख्वाबों में
कभी पलकों पर आ  बह जाते सैलाबों में
क्यूँ गुजरे ज़माने की महका जाते पुरवाई
मजबूर इस कदर हुई  कर बैठी बेवफ़ाई ,

अपनी ज़िन्दगी अपनी किस्मत ना बस में
भला कैसे निभाते हम वफ़ादारी की रस्में
जिधर फेरती निगाह दिखती तेरी परछाई
मजबूर इस कदर  हुई कर बैठी बेवफ़ाई ,

तिल-तिल कर मरती हूँ दिल की तड़प से
यह शमां जलती देखो ज़िस्म की दहक से
क़समें वादों का जनाजा क्या गाये रूबाई
मजबूर इस कदर  हुई कर बैठी बेवफ़ाई

बेगैरत मोहब्बत ना मेरे हमदम समझना
खुदा की कसम मुझको बेवफ़ा न कहना
बेपनाह मोहब्बत  की तुम्हें दे रही  दुहाई
मजबूर इस कदर  हुई कर बैठी बेवफ़ाई ,

तोहमत की बिजली न बेचारगी पे गिराना
जब भी दूँ सदा सुन फ़रिस्ता बनके आना
टूटा दिल का आबगीना फिर भरने रौनाई
मजबूर इस कदर  हुई कर  बैठी बेवफ़ाई

आबगीना --शीशा

                           शैल सिंह 

हम ऐसी जमीं के जांबाज सिपाही

                   उस दिन का इंतजार है जब कश्मीर पाकिस्तान बन जाएगा : यह कहना है Nawaz Sharif का.

हम ऐसी जमीं के जांबाज सिपाही 

कश्मीर तेरी प्यारी बहन है क्या जो ससुराल से विदा कराकर ले जाएगा
जीतनी बार भेजेगा लावलश्कर कंहार लाशों का ढेर शानों पे ले जायेगा

आ जा प्यारे तेरी आवभगत के लिए बेताब यहाँ गोले बारूद बरसने को
सीमा पे तैनात तेरे जीजाओं की बन्दूक भरी स्वागत में आग उगलने को

इत्ता वैराग भी ठीक नहीं पागलों अब कश्मीर राग अलापना दो भी छोड़
भीतर से खोखला है तूं कितना करना है तो कर भारत की प्रगति से होड़

अभी तो देखी तुमने केवल हमारी शराफत गर अपने पर हम आ जायेंगे
अभी वक़्त है चेत ले वरना तेरे घर में घुस ऐसी कहर क़यामत का ढाएंगे

इक-इक को चुन-चुन कर माँ की कसम कश्मीर का भैरवी राग सुनाएंगे
जो दहशतगर्दी फैला रखी भारत की जमीं पर उससे तेरा मुल्क जलाएंगे

पहले देख तूं अपने वतन की जर्जर हालत जो तेरी माँ उस पे तरस तूं खा
मत आँख उठाकर देख मेरी पावन धरा छिछोरेपन से कायर बाज तूं आ

अरे उचक्कों तुम्हारी नौटंकी का दृश्य देखने हम तैनात नहीं सीमाओं पे
हम ऐसी जमीं के जांबाज सिपाही जो जान लुटाया करते अपनी माँओं पे।

                                                                               shail shingh